सिरोही।(रमेश टेलर) NH-62 बायपास के प्रस्तावित मार्ग और उससे जुड़ी जमीनों के भू-परिवर्तन को लेकर सियासत गरमा गई है। पूर्व विधायक संयम लोढ़ा ने बुधवार को एक निजी होटल में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सांसद लुंबाराम चौधरी पर गंभीर आरोप लगाए और पूरे मामले की जांच की मांग की।
लोढ़ा ने दावा किया कि NHAI ने 23 जुलाई 2025 को जिला कलेक्टर को पत्र भेजकर प्रस्तावित बायपास में आने वाले खसरों में भू-परिवर्तन रोकने के निर्देश दिए थे। उन्होंने बायपास की अवाप्ति में आने वाले खसरों की सूची सार्वजनिक होने का भी दावा किया।
पूर्व विधायक ने आरोप लगाया कि रोक के बावजूद सांसद और उनके पुत्र से जुड़े भूखंडों का कन्वर्जन हुआ। उन्होंने सारणेश्वर नगर में एक आवासीय भूखंड को व्यावसायिक करवाने का आरोप लगाते हुए खसरा नंबर 683 और 684 में सांसद पुत्र द्वारा निर्माण किए जाने का भी दावा किया।
लोढ़ा ने सवाल उठाया कि यदि जमीन बायपास की अवाप्ति में प्रस्तावित थी, तो उसका भू-परिवर्तन आखिर कैसे हुआ। उन्होंने कहा कि कलेक्टर की जानकारी के बिना इस तरह का भू-परिवर्तन संभव नहीं है। साथ ही उन्होंने व्यावसायिक भूखंडों की DLC दर बढ़ाने का भी आरोप लगाया।
पूर्व विधायक संयम लोढ़ा ने पूरे मामले की CBI जांच कराने की मांग की है। वहीं, सांसद लुंबाराम चौधरी और प्रशासन का पक्ष सामने आना अभी बाकी है।
NH-62 बायपास के विकल्प पर सियासत गरमाई, पूर्व विधायक संयम लोढ़ा ने सांसद पर साधा निशाना

