समिति अध्यक्ष रूपराज पुरोहित ने एफिडेविट के रूप में पत्रकार परिषद के समक्ष रखा सात सूत्रीय विकास संकल्प, भ्रष्टाचार मुक्त नगर परिषद का किया वादा
जालोर। नगर परिषद चुनाव को लेकर जालोर की राजनीति में जालोर शहर बचाओ एवं विकास समिति ने अपना घोषणा-पत्र जारी कर चुनावी मैदान में विकास और पारदर्शिता का मुद्दा प्रमुखता से उठाया है। समिति के अध्यक्ष रूपराज पुरोहित ने समिति की ओर से तैयार घोषणा-पत्र को एफिडेविट के रूप में लिखित रूप से तैयार कर पत्रकार परिषद के समक्ष प्रस्तुत किया। इस घोषणा-पत्र में जालोर शहर की मूलभूत सुविधाओं, भ्रष्टाचार मुक्त व्यवस्था, आमजन की शिकायतों के समाधान तथा पर्यटन विकास को लेकर सात प्रमुख संकल्प शामिल किए गए हैं।
पत्रकार परिषद को संबोधित करते हुए रूपराज पुरोहित ने कहा कि समिति शहर के विकास को केवल चुनावी घोषणा तक सीमित नहीं रखना चाहती, बल्कि इसके लिए उन्होंने लिखित एफिडेविट के माध्यम से अपनी प्रतिबद्धता सामने रखी है। घोषणा-पत्र में नगर परिषद की कार्यप्रणाली को पारदर्शी बनाने और आम नागरिकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया गया है।
वार्डवार सड़क और नालियों की समस्या का समाधान
घोषणा-पत्र में समिति ने शहर के प्रत्येक वार्ड में सड़क और नालियों की समस्याओं को प्राथमिकता से दूर करने का संकल्प लिया है। इसके तहत वार्डवार सड़कों और नालियों की समय-समय पर मरम्मत कराने तथा आवश्यकता के अनुसार नई सड़कों एवं नई नालियों का निर्माण कराने की बात कही गई है।
समिति का कहना है कि शहर के विकास में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका मूलभूत सुविधाओं की है। इसलिए सड़क, नाली और सफाई जैसी समस्याओं के समाधान को प्राथमिकता देने की बात घोषणा-पत्र में रखी गई है।
भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त रुख
घोषणा-पत्र का सबसे महत्वपूर्ण मुद्दा भ्रष्टाचार मुक्त नगर परिषद को लेकर है। समिति ने स्पष्ट रूप से कहा है कि नगर परिषद में कानून के दायरे में रहकर प्राथमिकता से कार्य किए जाएंगे तथा किसी भी प्रकार की रिश्वत नहीं ली जाएगी।
घोषणा-पत्र में भ्रष्टाचार मुक्त नगर परिषद को लेकर विशेष मिशन चलाने का भी संकल्प व्यक्त किया गया है। इससे समिति ने नगर परिषद की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही को चुनावी मुद्दा बनाने का संकेत दिया है।
आम आदमी की शिकायतों के लिए हेल्पलाइन
समिति ने आम नागरिकों की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए नगर परिषद की हेल्पलाइन शुरू करने की घोषणा की है। इसके माध्यम से शहर का कोई भी व्यक्ति अपनी समस्या या शिकायत नगर परिषद तक पहुंचा सकेगा और उसके समाधान की प्रक्रिया को गति देने का प्रयास किया जाएगा।
घोषणा-पत्र में इस व्यवस्था का उद्देश्य आम आदमी और नगर परिषद के बीच सीधा संपर्क स्थापित करना बताया गया है।
पुरानी बावड़ियों के जीर्णोद्धार का संकल्प
जालोर शहर की ऐतिहासिक एवं पारंपरिक जल संरचनाओं को लेकर भी घोषणा-पत्र में महत्वपूर्ण बिंदु शामिल किया गया है। समिति ने पुरानी बावड़ियों का जीर्णोद्धार कराने का संकल्प लिया है, ताकि इन ऐतिहासिक जलस्रोतों का संरक्षण हो सके और शहर में पानी की उपलब्धता से जुड़ी संभावनाओं को भी मजबूत किया जा सके।
बिजली, पानी, रोड लाइट और सीवरेज को मिलेगी प्राथमिकता
शहरवासियों से जुड़ी मूलभूत सुविधाओं में बिजली, पानी, रोड लाइट एवं सीवरेज की व्यवस्था को प्राथमिकता से दुरुस्त कराने की बात घोषणा-पत्र में कही गई है।
रूपराज पुरोहित ने पत्रकार परिषद के माध्यम से कहा कि शहर के विकास का वास्तविक पैमाना यही है कि आम नागरिक को रोजमर्रा की आवश्यक सुविधाएं कितनी बेहतर मिल रही हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए इन समस्याओं को समिति के घोषणा-पत्र में प्रमुख स्थान दिया गया है।
सुंदेलाव तालाब को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की योजना
घोषणा-पत्र में जालोर के सुंदेलाव तालाब को भी विशेष महत्व दिया गया है। समिति ने संकल्प लिया है कि सुंदेलाव तालाब को स्वच्छ, सुगम एवं बेहतर पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जाएगा।
इस पहल के माध्यम से शहर के पर्यटन क्षेत्र को बढ़ावा देने और जालोर की पहचान को मजबूत करने का लक्ष्य रखा गया है।
एफिडेविट के रूप में दिया लिखित संकल्प
समिति के अध्यक्ष रूपराज पुरोहित द्वारा घोषणा-पत्र को एफिडेविट के रूप में प्रस्तुत किए जाने को लेकर भी चर्चा रही। उन्होंने इसे पत्रकार परिषद के समक्ष रखते हुए कहा कि समिति द्वारा शहर के विकास को लेकर जो बातें कही जा रही हैं, उन्हें लिखित घोषणा-पत्र के रूप में सार्वजनिक किया गया है।
घोषणा-पत्र पर 5 सितंबर 2026 की तारीख अंकित है तथा इसमें रूपराज पुरोहित को समिति अध्यक्ष के रूप में हस्ताक्षरकर्ता बताया गया है। दस्तावेज पर नोटरी सत्यापन भी अंकित है।
सात बिंदुओं में जालोर के विकास का रोडमैप
घोषणा-पत्र में कुल सात प्रमुख बिंदुओं के माध्यम से समिति ने अपने विकास एजेंडे को सामने रखा है। इसमें सड़क-नाली निर्माण व मरम्मत, भ्रष्टाचार के खिलाफ प्रतिबद्धता, हेल्पलाइन व्यवस्था, पुरानी बावड़ियों का जीर्णोद्धार, भ्रष्टाचार मुक्त नगर परिषद, बिजली-पानी-रोड लाइट-सीवरेज की प्राथमिकता तथा सुंदेलाव तालाब के विकास जैसे मुद्दे शामिल हैं।
अब चुनावी मैदान में समिति के इस घोषणा-पत्र के बाद जालोर नगर परिषद चुनाव में विकास, पारदर्शिता और भ्रष्टाचार का मुद्दा और अधिक प्रमुख होने की संभावना है।

