निजी कंपनी को 3800 बीघा जमीन देने के विरोध में ग्रामीणों का प्रदर्शन

कैलाशनगर में विशाल धरना-प्रदर्शन, मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन; भूमि आवंटन प्रक्रिया तत्काल निरस्त करने की मांग


सिरोही। (रमेश टेलर)शिवगंज तहसील के मनादर-1 और मनादर-2 क्षेत्र की करीब 3800 बीघा राजकीय एवं राजस्व भूमि निजी सोलर कंपनी को आवंटित किए जाने की कार्रवाई के विरोध में मंगलवार को कैलाशनगर में ग्रामीणों का आक्रोश देखने को मिला। बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने एकजुट होकर धरना-प्रदर्शन किया।
धरना स्थल पर पहुंचे पूर्व विधायक संयम लोढ़ा ने राज्य सरकार पर ग्रामीणों के हितों की अनदेखी कर निजी कंपनी को फायदा पहुंचाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि मनादर क्षेत्र की बहुमूल्य सरकारी एवं राजस्व भूमि को निजी कंपनी के पक्ष में आवंटित करने की प्रक्रिया से क्षेत्र के हजारों ग्रामीणों की पारंपरिक आजीविका और भविष्य की जरूरतें प्रभावित हो सकती हैं।
लोढ़ा ने कहा कि 400 मेगावाट की सोलर परियोजना के लिए 23 मार्च 2026 को आवेदन किए जाने के बाद विभागीय स्तर पर जिस तेजी से अनुशंसाएं की गईं, उससे सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े होते हैं। उन्होंने कहा कि ग्रामीण लंबे समय से इस भूमि का उपयोग सामुदायिक, पारंपरिक और पशुपालन संबंधी जरूरतों के लिए करते आ रहे हैं।
धरने के बाद ग्रामीणों ने उप-तहसीलदार कैलाशनगर के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में भूमि आवंटन की प्रक्रिया को तत्काल निरस्त करने की मांग की गई। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांग पर कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

error: Content is protected !!