विश्व आदिवासी दिवस: रानीवाड़ा में एकता, संस्कृति और संकल्प के साथ निकली भव्य डीजे रैली


वीर राणा पूंजा भील की मूर्ति पर माल्यार्पण, छात्रावास में हुआ ब्लॉक स्तरीय समारोह
रानीवाड़ा/ टीकम पाल। विश्व आदिवासी दिवस पर रविवार को रानीवाड़ा में आदिवासी भील समाज ने एकता और गौरव का परिचय दिया। कार्यक्रम ब्लॉक अध्यक्ष भंवरलाल भील डूंगरी के नेतृत्व में आयोजित हुआ। कार्यक्रम की शुरुआत राजकीय अस्पताल के सामने स्थित वीर राणा पूंजा भील की मूर्ति पर माल्यार्पण से हुई। निवृतमान जिला प्रमुख राजेश कुमार भील, रानीवाड़ा विधायक रतन देवासी, पूर्व विधायक नारायण सिंह देवल सहित समस्त अतिथियों ने मूर्ति पर पुष्प अर्पित किए। इस दौरान “जय राणा पूंजा”, “जय जोहार” और “जय बिरसा मुंडा” के नारे गूंजे। इसके बाद आदिवासी भील समाज छात्रावास में ब्लॉक स्तरीय समारोह हुआ। अध्यक्षता ब्लॉक अध्यक्ष भंवरलाल भील ने की। उक्त कार्यक्रम का शिव स्टुडियो द्वारा लाइव प्रसारण भी किया गया, जिससे आसपास के गांवों के लोग भी घर बैठे समारोह से जुड़ सके। मुख्य अतिथि निवृतमान जिला प्रमुख राजेश कुमार भील ने कहा कि आदिवासी समाज को अपनी संस्कृति, परंपरा और एकता को बनाए रखते हुए शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ना होगा।

विधायक रतन देवासी ने कहा कि राज्य सरकार आदिवासी क्षेत्रों के सर्वांगीण विकास के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने भील समाज के लिए चल रही विकास योजनाओं की जानकारी देते हुए लोगों से सरकारी योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ लेने की अपील की। पूर्व विधायक नारायण सिंह देवल ने कहा कि शिक्षा से ही आदिवासी समाज की तस्वीर बदलेगी। उन्होंने आने वाली पीढ़ी को उच्च शिक्षा के लिए प्रेरित करने पर जोर दिया। समारोह में डीवाईएसपी भवानी सिंह, पूर्व उपजिला प्रमुख मूलाराम भील, पीसी सदस्य मोडाराम भील, भाजपा नेता मंजीराम चौधरी, पूर्व ब्लॉक अध्यक्ष परसराम ढाका, पूर्व सरपंच रिड़मल सिंह डाभी, पूर्व प्राचार्य अर्जुनाराम भील, सीबीईओ भाखराराम राणा, वीडीओ डॉ. भाणाराम बोहरा, ग्राम पंचायत प्रशासक जेठी देवी, प्रशासक प्रतिनिधि मफाराम, बाबा रामदेव मंदिर डूंगरी के महंत 1008 लेहराराम जी महाराज एवं साध्वी पंखू बाई सहित समाज के गणमान्यजन उपस्थित रहे। कार्यक्रम का मंच संचालन जयेश कुमार और जसपाल राणा ने किया। समारोह के बाद रानीवाड़ा के मुख्य बाजार से डीजे के साथ भव्य रैली निकाली गई। पारंपरिक वेशभूषा में सैकड़ों युवा और महिलाएं शामिल हुईं। हाथों में तिरंगा और समाज के झंडे लेकर रैली में “जय जोहार” और “जय बिरसा मुंडा” के नारे लगे। डीजे की धुन पर युवाओं ने आदिवासी संस्कृति की झलक प्रस्तुत की। रैली में आसपास के गांवों से भी बड़ी संख्या में भील समाजबंधु शामिल हुए।

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