सिरोही। रमेश टेलर। बरलूट थाना क्षेत्र में पटवारी छगनलाल मेघवाल की संदिग्ध मौत के मामले में पुलिस ने खुलासा करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस जांच में सामने आया कि पटवारी की मौत सड़क हादसे में नहीं, बल्कि कथित तौर पर मारपीट के दौरान गंभीर चोट लगने से हुई थी। पुलिस के अनुसार, पटवारी से बदला लेने और सबक सिखाने के इरादे से आरोपियों ने साजिश रची और वारदात को अंजाम दिया।
दरअसल, 10 सितंबर 2026 की शाम करीब साढ़े आठ बजे जावाल-कैलाशनगर मुख्य मार्ग पर ओडा नहर के पास पटवारी छगनलाल मेघवाल के सड़क हादसे में घायल होने की सूचना मिली थी। 108 एंबुलेंस की मदद से उन्हें सिरोही अस्पताल पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। मृतक के दोनों पैर टूटे हुए मिलने पर परिजनों ने मौत को संदिग्ध मानते हुए पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई।
बरलूट थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। घटनास्थल के निरीक्षण और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर पुलिस को प्रथम दृष्टया मामला सड़क दुर्घटना के बजाय मारपीट से जुड़ा होने का संदेह हुआ। इसके बाद तकनीकी साक्ष्यों और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर जांच को आगे बढ़ाया गया।
पुलिस के अनुसार, 7 सितंबर को कैलाशनगर निवासी सपना रावल का पटवारी छगनलाल मेघवाल के साथ उप तहसील कार्यालय में विवाद और मारपीट का वीडियो वायरल हुआ था। इसी घटनाक्रम के बाद सपना के भाई समीर उर्फ सागर रावल ने कथित तौर पर पटवारी से बदला लेने की योजना बनाई।
पुलिस का दावा है कि समीर ने अपने मौसेरे भाई मनीष कुमार उर्फ माही और दोस्त प्रवीण कुमार मेघवाल के साथ मिलकर साजिश रची। आरोप है कि 10 सितंबर को कैलाशनगर से बरलूट जाते समय जावाल और मांडानी के बीच पटवारी को मोटरसाइकिल से गिराकर मारपीट की गई। गंभीर चोटों के चलते उनकी मौत हो गई।
पटवारी छगनलाल मेघवाल हत्याकांड का खुलासा, बदला लेने के लिए रची गई थी साजिश; तीन आरोपी गिरफ्तार

