राज्यसभा में स्थानीय प्रतिनिधित्व की उठाई मांग
जालोर। कांग्रेस नेता एवं राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रदेश महासचिव (उद्योग एवं व्यापार प्रकोष्ठ) कानाराम सिंघल ने गुरुवार को जयपुर स्थित सिविल लाइंस आवास पर राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री श्री अशोक गहलोत से शिष्टाचार मुलाकात की।
इस मुलाकात के दौरान सिंघल ने राजस्थान से राज्यसभा में स्थानीय प्रतिनिधित्व बढ़ाने को लेकर एक विस्तृत मांग पत्र सौंपा। उन्होंने कहा कि वर्तमान में राजस्थान से राज्यसभा की कुल 5 सीटों में से केवल 1 सांसद ही राजस्थान के स्थानीय निवासी हैं, जबकि 4 सांसद अन्य राज्यों से मनोनीत हैं। चुनाव के बाद इन सांसदों का राजस्थान प्रवास बहुत कम रहता है, जिससे आम जनता और कार्यकर्ताओं के कार्य अटके रहते हैं।
कानाराम सिंघल ने तीन सूत्रीय मांग रखी:
1. राजस्थान की 5 राज्यसभा सीटों में से कम से कम 3 सीटों पर राजस्थान के मूल निवासियों को भेजा जाए, जो प्रदेश की संस्कृति, पानी, किसान और बेरोजगारी के मुद्दों को भली-भांति समझते हों।
2. जो भी सांसद बाहर से राजस्थान से मनोनीत हों, उनके लिए साल में कम से कम 100 दिन राजस्थान प्रवास अनिवार्य किया जाए और वे हर संभाग में कार्यकर्ताओं से संवाद करें।
3. सांसद स्थानीय क्षेत्र विकास निधि (MPLAD) का 100 प्रतिशत उपयोग राजस्थान में ही हो और इसका हिसाब हर 6 महीने में प्रदेश कांग्रेस कमेटी को दिया जाए।
सिंघल ने कहा, “राजस्थान के युवाओं और किसानों की आवाज अब राज्यसभा तक पहुंचनी चाहिए। स्थानीय लोगों को प्रतिनिधित्व मिलने से जमीनी समस्याओं का समाधान होगा और 2028 के विधानसभा चुनाव में पार्टी को स्थानीय स्तर पर मजबूती मिलेगी।”
इस पर पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने आश्वासन देते हुए कहा कि स्थानीय प्रतिनिधित्व का मुद्दा महत्वपूर्ण है और वे इस पर उचित मंच पर चर्चा करेंगे और प्रस्ताव को AICC तक पहुंचाएंगे।
इस अवसर पर कानाराम सिंघल के साथ कई स्थानीय कार्यकर्ता मौजूद रहे।

