मेघवाल समाज का गौरव – उच्च रैंक से वरिष्ठ अध्यापक में चयन
रानीवाड़ा /टीकम पाल ! सरकारी स्कूल की बेंच से उठकर अब उसी व्यवस्था को मजबूत करने का संकल्प लेकर रानीवाड़ा क्षेत्र के दो युवाओं ने अपनी मेहनत से यह साबित कर दिया कि सफलता के लिए संसाधन नहीं, जज्बा चाहिए। रोहित कुमार पुत्र विरमा राम, निवासी जोडवास एवं दलपत कुमार पुत्र राजा राम, निवासी रानीवाड़ा खुर्द का राजस्थान लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित वरिष्ठ अध्यापक गणित भर्ती परीक्षा में उच्च रैंक के साथ चयन हुआ है। दोनों ही किसान परिवारों से हैं और बचपन से ही अभावों में रहकर पढ़ाई की है। इस सफलता की सबसे बड़ी खासियत यह है कि दोनों युवाओं ने अपनी प्रारंभिक से लेकर 12वीं तक की पढ़ाई राजकीय विद्यालयों में ही की थी। अब चयन के बाद ये भी प्रदेश के राजकीय विद्यालयों में ही अध्यापन कार्य करेंगे। यानी जहां से इन्होंने ज्ञान लिया, अब वहीं ज्ञान बांटेंगे। दोनों ने बताया कि घर की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं होने के कारण कभी कोचिंग नहीं कर सके। खेती में माता-पिता का हाथ बंटाने के साथ-साथ मोबाइल और यूट्यूब के माध्यम से तैयारी की। रात-रात भर जागकर नोट्स बनाए और अंततः सफलता हासिल की। सफलता के बाद गांव पहुंचने पर दोनों ने प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं से मुलाकात कर उन्हें महत्वपूर्ण टिप्स दिए। उन्होंने कहा कि “नियमितता सबसे बड़ी कुंजी है। रोज 6-8 घंटे पढ़ाई, पुराने पेपर हल करना और अपनी कमजोरियों पर काम करना जरूरी है। कोचिंग जरूरी नहीं, मोबाइल में ही पूरी दुनिया है। बस लगन और अनुशासन चाहिए। माता-पिता का सम्मान करें और हार न मानें, एक दिन सफलता जरूर मिलेगी।” उन्होंने यह भी बताया कि सरकारी स्कूल के शिक्षकों का मार्गदर्शन और परिवार का सहयोग ही उनकी सबसे बड़ी पूंजी रहा। इस खबर से जोडवास और रानीवाड़ा खुर्द गांव में खुशी का माहौल है। मेघवाल समाज के लोगों ने इसे गर्व का पल बताते हुए कहा कि रोहित और दलपत ने समाज का नाम प्रदेश स्तर पर ऊंचा किया है। स्थानीय शिक्षकों का कहना है कि दोनों छात्र शुरू से ही मेधावी थे। अनुशासन और मेहनत के कारण ही आज ये मुकाम हासिल कर पाए हैं। समाजसेवियों ने कहा कि रोहित-दलपत की यह कहानी उन हजारों ग्रामीण युवाओं के लिए प्रेरणा है जो संसाधनों के अभाव में अपना सपना बीच में छोड़ देते हैं। इनकी सफलता यह संदेश देती है कि यदि लगन सच्ची हो तो सरकारी स्कूल भी आरपीएससी की फैक्ट्री बन सकता है। फिलहाल दोनों के घरों पर बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है।

