कैलाशनगर।(मनोहर सिंह)आकांक्षी जिलों की सूची में शामिल सिरोही और जालोर में सरकारी उच्च माध्यमिक विद्यालयों में व्याख्याताओं के कई पद रिक्त होने के बावजूद हालिया काउंसलिंग प्रक्रिया में स्थानीय व्याख्याताओं को अन्य जिलों में पदस्थापित किए जाने से शिक्षा व्यवस्था प्रभावित हो रही है। कई स्कूलों में विषय विशेषज्ञ शिक्षकों की कमी के कारण विद्यार्थियों, विशेषकर बोर्ड परीक्षार्थियों की पढ़ाई पर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।
इस मुद्दे को लेकर अभिभावकों, ग्रामीणों और शिक्षाविदों ने राज्य सरकार से हस्तक्षेप की मांग की है। उन्होंने गृह एवं पंचायती राज राज्यमंत्री ओटाराम देवसी, सांसद लुंबाराम चौधरी और भाजपा जिलाध्यक्ष रक्षा भंडारी से आग्रह किया है कि वे मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री के समक्ष यह मामला उठाकर सिरोही व जालोर के बाहर भेजे गए व्याख्याताओं को गृह जिलों के रिक्त पदों पर पुनः समायोजित करवाएं।
स्थानीय लोगों की मांग है कि आकांक्षी जिलों के सभी रिक्त व्याख्याता पदों को प्राथमिकता से भरा जाए तथा भविष्य में स्थानांतरण एवं पदस्थापन नीति में सीमावर्ती और आकांक्षी जिलों को विशेष प्राथमिकता दी जाए, ताकि विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित न हो और शिक्षा व्यवस्था मजबूत बन सके।
सिरोही-जालोर के स्कूलों में व्याख्याताओं की कमी, बाहर भेजे गए शिक्षकों की वापसी की उठी मांग

