बीस साल बाद कैलाश नगर सेऊड़ा व अखापुर में वर्षों बाद हुआ तालाब पूजन का कार्यक्रम

सेऊड़ा,कैलाश नगर व अखापुर गांवों के जुटे लोगों से तालाब पर रहा मेले जैसा माहौल


कैलाशनगर। (मनोहर सिंह) कई वर्षों बाद कैलाशनगर व सेऊड़ा में तालाब पूजन का कार्यक्रम हुआ। कैलाश नगर के अखापुर गांवों की सैकड़ों बहनों ने एक साथ तालाब पूजन की परंपरा निभाई। तालाब पर हजारों लोग जुटे। जिससे मेले जैसा माहौल रहा। बहनों ने पानी में उतर कर समंदर हिलोरने की परंपरा निभाई। भाई बहनों ने एक-दूसरे को तालाब का पानी पिलाया। भाई ने अपनी बहन को चुनड़ी ओढाकर सामग्री से गोद भराई की रस्म निभाई। समदरीया हिलोरने की परंपरा को लेकर वैसे तो बहनों को चुनड़ी ओढाने सगे भाई बहन के घर पहुंचते है, लेकिन जिन बहनों के सगे भाई नहीं है, उनको अन्य समाज के रक्षासूत्र बांधकर बनाए धर्म भाई चुनड़ी ओढाने पहुंचते है। तालाब पूजन में कई ऐसी बहनें थी, जिनको धर्म भाई ने चुनड़ी ओढाई। बहन के उपवास का राशन भी भाई लेकर पहुंचे। जिससे बहनों ने व्रत खोला। कैलाश नगर, सेऊड़ा व अखापुर की 500 से भी अधिक महिलाओं ने तालाब पूजन का आयोजन किया। जिसमें भाई एक दिन पहले अपनी बहन के घर पहुंचे।

भाईयों ने बहनों को चुनड़ी ओढाकर लिया संकल्प

उपतहसील क्षेत्र के कैलाश नगर, सेऊड़ा व अखापुर में समुद्र हिलोरने की रस्म भाई-बहनों ने विधि विधान के साथ पूरी की। इसमें अलग-अलग गावों से अलग-अलग समाज की महिलाएँ सजधज कर मंगल गीत गाती हुई गांव के तालाब पर पहुंची, जहां पर बहनों ने अपने भाइयों के साथ तालाब पर जाकर समुद्र हिलोरने की रस्म निभाकर भाइयों की दीर्घायु की कामना की। भाइयो ने बहनों की सुरक्षा का एक-दूजे को पानी पिलाकर संकल्प लिया। इस मौके पर भाइयों ने बहनों को उपहार भी दिए।

error: Content is protected !!